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The Arctic fox: the icy protector of the Arctic| Complete information in Hndi|

श्वेत ध्रुवीय लोमड़ी: आर्कटिक के बर्फीले रक्षक
all facts about white arctic fox...

श्वेत ध्रुवीय लोमड़ी

आर्कटिक के बर्फीले रेगिस्तान का रहस्यमय निवासी

परिचय

श्वेत ध्रुवीय लोमड़ी (वैज्ञानिक नाम: Vulpes lagopus) आर्कटिक क्षेत्र के कठोर और बर्फीले वातावरण में रहने वाली एक अद्भुत प्राणी है। यह अपने मोटे, सफेद रोएँदार कोट के कारण बर्फीले परिदृश्य में पूरी तरह से घुल-मिल जाती है। यह छोटी लोमड़ी आर्कटिक टुंड्रा के अत्यधिक ठंडे तापमान में जीवित रहने के लिए विशेष रूप से अनुकूलित है और इसे कभी-कभी 'बर्फीली लोमड़ी' या 'ध्रुवीय लोमड़ी' भी कहा जाता है।

ध्रुवीय लोमड़ी आर्कटिक के सबसे कठोर वातावरण में पाई जाने वाली एकमात्र मांसाहारी स्तनपायी है जो सर्दियों में हाइबरनेशन (शीतनिद्रा) में नहीं जाती है।

शारीरिक विशेषताएँ

ध्रुवीय लोमड़ी की कई शारीरिक विशेषताएँ इसे अत्यधिक ठंड से बचाने में मदद करती हैं:

  • रंग परिवर्तन: इनका फर सर्दियों में पूरी तरह सफेद हो जाता है जो बर्फ में छुपने में मदद करता है, जबकि गर्मियों में भूरा या धूसर रंग का हो जाता है ताकि पिघलती बर्फ और चट्टानों के अनुकूल हो सके।
  • मोटा फर: इनका फर जानवरों के सबसे गर्म फरों में से एक है, जो -50°C तक के तापमान में भी शरीर को गर्म रखता है।
  • छोटे अंग: इनके कान और थूथन छोटे होते हैं जिससे शरीर की गर्मी कम निकले।
  • पंजे: इनके पंजों पर भी फर होता है जो बर्फ पर चलने में मदद करता है और पंजों को ठंड से बचाता है।
  • पूँछ: इनकी घनी और लंबी पूँछ सोते समय चेहरे और नाक को ढककर गर्म रखती है।

आवास एवं वितरण

ध्रुवीय लोमड़ी आर्कटिक टुंड्रा क्षेत्र में पाई जाती है, जिसमें उत्तरी कनाडा, अलास्का, ग्रीनलैंड, रूस, नॉर्वे, आइसलैंड और स्कैंडिनेविया के कुछ हिस्से शामिल हैं। यह उन क्षेत्रों में रहती है जहाँ तापमान सर्दियों में -50°C तक गिर सकता है।

आवास की विशेषताएँ:

  1. बर्फीले मैदान और टुंड्रा
  2. समुद्र तट के किनारे
  3. बर्फ से ढके पहाड़ी क्षेत्र
  4. ये प्रायः उन क्षेत्रों में पाई जाती हैं जहाँ समुद्री पक्षी या सील मिलने की संभावना अधिक होती है

आहार एवं शिकार व्यवहार

ध्रुवीय लोमड़ी सर्वाहारी होती है, हालाँकि मुख्य रूप से यह मांसाहारी ही होती है। इसका आहार मौसम के अनुसार बदलता रहता है:

ग्रीष्मकालीन आहार

चूहे, पक्षी, अंडे, खरगोश, मछली और कुछ बेरीज व पौधे।

शीतकालीन आहार

सील के शव, समुद्री पक्षी, और कभी-कभी ध्रुवीय भालू द्वारा छोड़े गए शव का मांस।

विशेष शिकार तकनीक

यह बर्फ के नीचे छुपे जानवरों की आवाज सुनकर उछलकर बर्फ में छेद करके शिकार करती है।

एक दिलचस्प तथ्य यह है कि जब भोजन अधिक मिलता है, तो ध्रुवीय लोमड़ी अतिरिक्त भोजन को जमीन में गाड़कर संग्रहित कर लेती है ताकि भविष्य में कमी होने पर उपयोग कर सके।

प्रजनन एवं जीवनचक्र

ध्रुवीय लोमड़ियों का प्रजनन काल मार्च से अप्रैल तक होता है। इनके बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य:

  • मादा लोमड़ी गर्मियों में 5-8 बच्चों को जन्म देती है, हालाँकि कभी-कभी 25 तक के बड़े झुंड भी देखे गए हैं।
  • बच्चे गुफाओं या बर्फ में बने बिलों में पैदा होते हैं जो पीढ़ियों से उपयोग में आते रहे हैं।
  • शावकों का रंग जन्म के समय गहरा भूरा होता है जो सर्दियों तक सफेद हो जाता है।
  • नर और मादा दोनों मिलकर शावकों का पालन-पोषण करते हैं।
  • ध्रुवीय लोमड़ी का जीवनकाल प्राकृतिक वातावरण में 3-6 वर्ष होता है, हालाँकि कैद में यह 14-16 वर्ष तक जीवित रह सकती है।

संरक्षण स्थिति एवं खतरे

अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) के अनुसार, ध्रुवीय लोमड़ी को कम चिंताजनक (Least Concern) श्रेणी में रखा गया है, लेकिन इसके कुछ उप-जनसंख्या समूह संकट में हैं।

मुख्य खतरे:

  1. जलवायु परिवर्तन: ग्लोबल वार्मिंग के कारण आर्कटिक बर्फ पिघल रही है, जिससे इनका प्राकृतिक आवास कम हो रहा है।
  2. शिकार: इनके मूल्यवान फर के लिए अवैध शिकार अभी भी जारी है।
  3. प्रतिस्पर्धा: लाल लोमड़ियाँ जलवायु परिवर्तन के कारण उत्तर की ओर बढ़ रही हैं और ध्रुवीय लोमड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।
  4. भोजन की कमी: आर्कटिक में बर्फ कम होने से इनके प्रमुख शिकार (जैसे सील) की संख्या भी प्रभावित हो रही है।

कुछ देशों जैसे नॉर्वे, स्वीडन और फिनलैंड में ध्रुवीय लोमड़ी को संरक्षित प्रजाति घोषित किया गया है और इनके संरक्षण के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

रोचक तथ्य

अद्वितीय अनुकूलन

ध्रुवीय लोमड़ी का चयापचय (metabolism) गिरने पर भी काम करता है, जो इसे लंबे समय तक बिना भोजन के रहने में सक्षम बनाता है।

लंबी यात्राएँ

यह लोमड़ी भोजन की तलाश में एक दिन में 100 किलोमीटर तक की यात्रा कर सकती है और कभी-कभी बर्फीले समुद्र पर तैरती बर्फ के टुकड़ों पर भी चलती है।

तापमान सहनशीलता

ध्रुवीय लोमड़ी -70°C के तापमान में भी जीवित रह सकती है, जो मनुष्यों के लिए घातक होगा।

पर्यावरण संकेतक

ध्रुवीय लोमड़ी को आर्कटिक पारिस्थितिकी तंत्र का "संकेतक प्रजाति" माना जाता है, क्योंकि इनकी संख्या में परिवर्तन से पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य का पता चलता है।

ध्रुवीय लोमड़ी आर्कटिक पारिस्थितिकी तंत्र का एक अनिवार्य हिस्सा है जो इस कठोर वातावरण में जीवन की लचीलापन और अनुकूलन क्षमता का प्रतीक है।

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